"क्लीन स्ट्रीट फ़ूड" प्रोजेक्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय की नयी योजना के तहत भारत सरकार सड़क के किनारे बिकने वाले भोजन और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की ओर ध्यान दे रही है | कई सालों से यह कहा जा रहा था के सड़क के किनारे बिकने वाले पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं तथा इन्हें बेचने वाले हाथ नहीं धोते या गंदगी से खाना बनाते हैं | इसी का फायदा उठाते हुए कई विदेशी कंपनियों ने पैक्ड फ़ूड बेचना शुरू कर दिया था , जिसके कारण कई गरीब हाथ ठेले वाले तथा सड़क किनारे खाद्य पदार्थ बेचने वालों को बहुत नुकसान हुआ था तथा कई गरीब लोग बेरोजगार हो गए थे |
सरकार ने इस तरफ ध्यान देते हुए इस बार दिल्ली से पायलट प्रोजेक्ट स्टार्ट किया है जिसमे सबसे पहले २०,००० सड़क किनारे खाद्य पदार्थ बेचने वालों को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी फिर उन्हें गुणवत्ता के आधार पर प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे | यदि यह सफल रहा तथा सब ठीक रहा तो सारे देश में इसी तरह के कार्यक्रम चलेंगे |
भारत सरकार की स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक सराहनीय पहल है | जिसके द्वारा सभी को अच्छे स्तर के खाद्य पदार्थ मिल सकेंगे |
-आर्य शुभम वर्मा

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