-शुभम वर्मा
१९४७ में भारत के दो
महत्वपूर्ण टुकड़े भारत से अलग कर दिये गए, तथा दोनों को पाकिस्तान बना दिया गया |
इनमे से एक टुकड़ा जो की बंगाल के निकट था, इसमें पाकिस्तान ने जबरन इस्लामिक
कट्टरता और उर्दू को थोपना शुरू कर दिया | इसके विरोध में सारे इलाके से
विरोध के स्वर उठने लगे | इन्हें दबाने के लिए सबसे पहले वहाँ के अल्पसंख्यक
हिन्दुओं की हत्याएं हुई तथा बाद में कई बंगालियों की भी हत्या पाकिस्तान की सेना
द्वारा करवाई गयी | इसके विरोध में सारे पूर्वी पाकिस्तान में विरोध के स्वर उठने
लगे, जिन्हें दबाने के लिए कई करोड़ लोगों की हत्या पाकिस्तानी सेना ने करवा दी तथा
सारे इलाके में जनता पर अत्याचार, बलात्कार आदि होने लगे तथा लोग मुल्क छोड़ कर
भागने पर मजबूर होने लगे | पड़ोसी मुल्क की इस समस्या को देखते हुए भारत ने मानवता
दिखाते हुए अपने पड़ोसी मुल्क की मदद की तथा सेना भेजकर उन्हें पाकिस्तान के आतंक
से मुक्त करवाया |
4 नवम्बर १९७२ में
बांग्लादेश के संविधान का गठन लोकतान्त्रिक मूल्यों के आधार पर हुआ तथा
‘राष्ट्रवाद’, ‘समाजवाद’, ‘धर्मनिरपेक्षता’ तथा लोकतान्त्रिक मूल्यों को बंगलादेशी
संविधान की प्रस्तावना के दूसरे पैराग्राफ में समाहित किया गया |[i]
मगर बहुमत के दबाव में आकर ७ जून १९८८ को बांग्लादेश के संविधान में परिवर्तन करके
दूसरे पैराग्राफ के क्लोज-ए के तहत इस्लाम को बांग्लादेश का राष्ट्रीय मजहब घोषित
कर दिया गया तथा दुसरे मजहबों के साथ शांति से रहने की बात लिखी गयी | पर यह सिर्फ
बात तक ही सीमित यह गयी तथा इसके बाद बहुमत की राजनीती के तहत हिन्दू अल्पसंख्यकों
की हत्या का सिलसिला बांग्लादेश में शुरू हो गया | यह इस हद तक बड़ता चला गया के
हत्या, बलात्कार आदि आम होते चले गए तथा इसका नतीजा यह निकला के जिन हिन्दुओं की
जनसँख्या १९७४ में १३. ५% थी वही जनसँख्या २०११ में घट कर ८.५% रह गयी | इसी
बांग्लादेश में यह जनसँख्या १९६१ में १८.५% थी जो की १९७४ तक पाकिस्तान की हत्याओं
के कुचक्र के कारण घटकर १३.५% प्रतिशत रह गयी थी | पर बांग्लादेश बनने के बाद भी
इसमें इजाफा होने की जगह कमी ही देखी गयी तथा यह कमी निरंतर बढती ही जा रही है |
१९०१ से बांग्लादेश के क्षेत्र में रहने वाली हिन्दू जनसँख्या के आंकड़े यदि देखे
जाए तो यह चौका देने वाले हैं :
एक सदी के अन्दर
जहाँ एक तबके की जनसँख्या लगभग २३% तक बढ़ी है उसी क्षेत्र में हिन्दुओं की
जनसँख्या लगभग २५% घट गयी है | इसके क्या कारण हैं इनकी जांच करने पर कई हत्या,
बलात्कार तथा अन्य अत्याचारों के मामले सामने आते हैं |
९ मार्च २०१३ की
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार – “कुछ हिन्दुओ का कहना है के उनपर हमले तथा अत्याचार
सुनियोजित ढंग से हो रहे हैं जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी संपत्ति तथा जमीन हड़पना है
| इन सबके डर से कई बंगलादेशी हिन्दू भारत की ओर भाग रहे हैं |”
इसी रिपोर्ट के
मुताबिक- बांग्लादेश की आज़ादी के समय पाकिस्तानी सेना ने लगभग ३० लाख से ज्यादा
लोगों की हत्या की थी तथा १० हजार से ज्यादा औरतों के साथ बलात्कार किये थे | इनमे
अधिकतर हिन्दू ही थे क्योंकि पाकिस्तान को लगता था इनके कारण बांग्लादेश अलग हुआ |
आज तक यह सिलसिला जारी है जिसमे कई मंदिर तोड़े जा रहे हैं तथा हिन्दुओं की हत्याएं
हो रही हैं |[iii]
यदि यह सिर्फ कट्टर
इस्लामी संगठनो का काम होता तो समझा भी जा सकता था के वो आतंकवादी हैं पर सबसे
खतरनाक बात यह है के बांग्लादेश की राजनैतिक पार्टियाँ भी इन सब को खुला समर्थन दे
रही हैं जिनमे सबसे पहले है आवामी लीग जो की मुख्य दलों में से एक है तथा अन्य
मजहबी संगठन भी हिन्दुओं की हत्या का खुला समर्थन करते नजर आ रहे हैं |
हाल ही में
बांग्लादेश के सथखीरा जिले में ४८ साल के श्री श्री राधा गोविंदा मंदिर के पुजारी
भाबसिंधू रॉय पर रात को सोते समय धारदार हथियारों से हमला किया गया | जिसमे उनके
सीने तथा पीठ पर वार किये गए | पिछले ही महीने इसी जिले में एक और पंडित 70 साल के
आनंद गोपाल गांगुली की हत्या कर दी गयी थी | [iv]
हाल ही में हुए हमले
में कई लोगों के साथ एक भारतीय लड़की तारिशी की हत्या कर दी गयी |[v]
इसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठनो ने ली है जो सारी दुनिया को इस्लामिक स्टेट में
बदलना चाहते हैं | बांग्लादेश में इस्लामिक स्टेट अपने पैर जमा रहा है तथा ताकतवर
होता जा रहा है | धीरे धीरे बांग्लादेश अलकायदा तथा इस्लामिक स्टेट के लिए जमीन
बनता जा रहा है जहाँ आतंकवाद के पनपने की असीम संभावनाएं जन्म ले रही हैं |[vi]
अंसार अल सीलम तथा जमात उल मुहहिद्दीन जैसे संगठन बांग्लादेश के अन्दर इन आतंकी
संगठनो को पनपने में मदद कर रहे हैं |[vii]
भारत के लिए यह यह
खतरे की घंटी है क्योंकि एक तरफ हम पाकिस्तान और चीन जैसे देशो के साथ सीमा पर
मुश्किलों का सामना कर रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ जहाँ चीन ने नेपाल पर अपना प्रभाव
बढ़ाना शुरु कर दिया है वहीँ दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इस्लामिक कट्टरता का सहारा
लेते हुते बांग्लादेश में अपना प्रभाव बढ़ाना शुरू कर दिया है तथा इसी घोड़े पर सवार
होकर इस्लामिक स्टेट और अलकायदा जैसे आतंकी संगठन भी हमारे पड़ोस में आकर बैठ गए
हैं | खतरा सिर्फ वहीँ से नहीं है | यह संगठन अब भारत के मुसलमानों को अपनी ओर
आकर्षित करके इन्हें इनके साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं | अभी हाल ही में NIA ने
कुछ इस्लामिक स्टेट के सदस्य हथियार तथा नकली नोटों के साथ पकडे हैं |[viii]
यदि इसी तरह पडोसी मुल्क में हिन्दुओं की हत्याएं होती रही तथा आतंकी वहाँ काम
करते रहे तो निश्चित तौर पर यह आंच भारत तक भी जल्द ही पहुचेंगी | ऐसा हाल ही में
उत्तर प्रदेश के कैराना तथा बंगाल के मालदा में देखा जा चुका है | भारत सरकार को
चाहिए के जल्दी ही इस विषय में उचित कदम उठाये, तथा पडोसी मुल्कों में अल्पसंख्यक
हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों तथा आतंकी संगठनो के बढ़ते स्तर को संज्ञान में लेते
हुए उचित विदेश नीति बनाये अन्यथा जिस तरह १९४७ में भारत के तीन टुकड़े हुए थे उसी
तरह कुछ और टुकड़े करने के प्रयास विदेशी मुल्को द्वारा किये जा रहे हैं जो की
भविष्य में खतरे की घंटी हैं |
-शुभम वर्मा
(09713760660)
theshubhamhindi@gmail.com
[i] Source: http://www.southasianrights.org/wp-content/uploads/2009/10/USE-OF-RELIGION-BY-MAJORITY-Final-for-web.pdf
[ii]
Source: BBS Population Report, 1991, Ct from, Shishir Moral, Rights of
Religious Minorities, in Hameeda Hossain (ed). Human Rights Bangladesh, 2000,
Dhaka, Ain ‘O Salish Kendro, 2001, pp. 160. and Banladesh Bureau of Statistics
(BBS) Literacy Assessment Survey 2011, May 2013, Stastistics and Informatics
Division (SID) Ministry of Planning.
[iv] http://www.ndtv.com/world-news/another-hindu-priest-stabbed-critically-wounded-in-bangladesh-1427108
[v] http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/dhaka-attack-tarishi-killed-with-friends-signs-of-torture-2890536/
[vi] http://www.publicdiplomacycouncil.org/commentaries/06-06-16/quotable-aminesh-roul-influence-islamist-social-media-bangladesh
[vii] http://www.livemint.com/Politics/IR34Zh0GhIqUXEdt9R1ggN/Bangladesh-killings-Homegrown-militants-exmajor-behind-a.html
[viii]
http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/islamic-state-terror-module-busted-in-hyderabad-nia-raid/
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