Friday, July 22, 2016

मध्यप्रदेश के विदिशा के युवाओं ने उठाया स्वच्छता का बीड़ा |


-शुभम वर्मा

यह कहानी है मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की, जहाँ पर २ साल पहले तक सड़कों पर काफी गंदगी पड़ी रहती थी तथा मोहल्ले की गलियों में कोई न कोई एक ऐसा स्थान होता था जहाँ सारा मोहल्ला अपना कचड़ा डालता था तथा उसमे कीड़े, मच्छर इत्यादि भिनभिनाते रहते थे | यही नहीं शहर की दीवारों पर भी या तो गुटखे के थूकने के निशान या फिर छोटे मोटे नेताओं के पोस्टर या अश्लील फिल्मो के पोस्टर चिपके पड़े रहते थे | इन चीजों से सारा शहर परेशान था, लोग जागरूक भी थे पर नौकरी और अन्य पेशों में व्यस्त रहने के कारण लोग इस ओर कम ही ध्यान दे पा रहे थे तथा पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका पर छोड़ दी थी | नगरपालिका ने सड़के साफ़ भी करी मगर दीवारों और मोहल्ले की गलियों में जो जनता गंदगी करती थी उसका हल नगरपालिका के पास भी न था |


इन्ही सब को देखते हुए एक बार शहर के स्कूल तथा कॉलेज के कुछ बच्चे एकत्रित हुए | यह मौका था मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान का , इसी समय इन बच्चों ने मोहल्ले की कुछ गालियाँ साफ़ की तथा सफाई पर नुक्कड़ नाटक किया | पर इसके बाद जब एक दिन यह सब मिले तो देखा लोगों ने फिर शहर गन्दा कर दिया, तब इन सभी बच्चों ने यह ठान लिया के अब तो इस शहर को साफ़ करके ही रहेंगे | शुरुआत इन्होने मोहल्ले की एक दीवार से की जिसके आस पास का कचड़ा साफ़ करके इन्होने उस दीवार को सुन्दर कलाकृतियों से रंग दिया | इसके बाद इन्होने शहर का रेलवे स्टेशन पूरा साफ़ किया तथा उसकी दीवारों को खूबसूरत रंगों में रंग दिया और गमले और पेड़ पौधे लगाकर रेलवे स्टेशन को सजा दिया | यही नहीं इनकी इस पहल को देखकर शहर के लोग भी इनकी मदद के लिए उमड़ पड़े तथा इनका छोटा सा समूह कई युवाओं से भर गया | इसके बाद इन्होने शहर के हर कोने को हर गली और दीवाल को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठा लिया | यह सभी बच्चे सप्ताह में ६ दिन अपनी पढाई नौकरी आदि करते हैं तथा सन्डे और अन्य छुट्टी वाले दिनों में दिन भर शहर की गंदगी को साफ़ करते हैं तथा दीवारों को खुबसूरत कलाकृतियों से रंग देते हैं |



बच्चों के इस काम में शहर के प्रशासन का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है तथा प्रशासन इन्हें रंग तथा मशीने आदि मुहैया करवा रहा है और कोल्लेक्ट्र से लेकर नगर पालिका के अधिकारी तक इनके साथ आकर दीवारों को रंगते देखे जा सकते हैं | अब तक यह बच्चे विदिशा शहर के 86 स्थानों को परिवर्तित कर चुके हैं | तथा इन्होने अपनी समिति का नाम ‘समर्पित सेवा समिति’ रखा है| इनसे आस पास के गाँव के लोग भी प्रेरणा ले रहे हैं तथा स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारत को स्वच्छ बनाने में लगे हुए हैं | समर्पित के सभी बच्चों के समर्पण को कोटि कोटि नमन तथा और शहर के बच्चे और युवा भी यदि इनसे प्रेरणा लें तो सारा देश स्वच्छ हो जायेगा |

-शुभम वर्मा
theshubhamhindi@gmail.com

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